ठंडी-बूंदे
प्यारी
ठंडी बूंदे आई
शीतलता जग मे लाई
न्रर नारी करे तेरी दुहाई
गर्मी से तुने
छुटकारा दिलाई |
प्रशन्नता मन मे लाई
नर नारी करे तेरी बडाई
मस्ती चारो दिशा छाई
बच्चे खाते दूध मलाई |
सावन की मस्ती लाई
झुला झूले देवर भवजाई
मनमोहक कजरी लाई
चारो तरफ मस्ती छाई |
डॉ. ऐम० ऐस० लाल
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