अब रोको
पहले हाहा कार मचाने वालो को रोको
जो गरीबो को सताते है,
सताते है मुस्कुराते
है गरीबो को लाली पप दिखाते
है,
देश को तोडने की तरह तरह की बात बताते है,
हिन्दू के मसीहा बनते
मुस्लिम भाईओ को दूजा बताते है|
पूंछता हूँ मै खुदा से छुटकारा पाऊ कैसे ऐसे लोगो से,
भारत देश न हिन्दू का है
न मुस्लिम का है,
सब
धर्म मानने वालो का एक विशाल
डेरा है,
सबका नाम हिन्दुस्तानी है न भारत मेरा है न तेरा है |
विदेशिओ की प्रथा भारत मे न ये अच्छी है,
बिना सोचे समझे भारत मे उनकी
प्रथा क्यों लाते हो,
हमारी संस्कृति और संविधान दुनिया मे उतम है,
उनकी कैशलेस प्रथा भारत
वर्ष मे क्यो चलाते हो |
कैशलेस प्रथा
दुखो से भरी है हर कार्य मे रुलाती है,
भूख़ लगने पर
पांच रूपया का चना अब नही दिलाती है,
अंतिम विदाई के
लीए दो रुपया का फूल नही दिलाता है,
लगता है हमारे
देश का मुखिया हड़प्पा की खुदाई से आया है |
केसलेश प्रणाली
की सफलता न मुमकिन है,
सर्वर की सेवा बिलकुल भारत मे न अच्छी है,
डकेती शुरू हो गयी आन लाइन पर अक्सर,
सर्वर की सेवा जल्द सुधारने की अति जरुरत है|
न बेकारी जाती है न आत्म ह्त्या खत्म होती भारत मे,
न बेइमानी जाती न
अच्छा दिन आता देश मे,
नेता आलोचना के जाल मे
फसे है,
हर प्रदेश की सत्ता पाने की लाइन मे लगे
है|
हर धन्धा न छोटा और न
बड़ा होता है,
देश की तिजोरी
को लबा लब भरता है,
मोलिक
अधिकारों का हनन
अब न करो,
देश के संविधान का दिल और मन से आदर करो|
दुनिया को
चलाने वाला सब से ज्यदा ज्ञानी है,
सब जीवो को जीने
दो और खुद जियो,
तुगलक की शासन बिलकुल बेकार है मेरे पूज्यनीय,
हमे जीने दो
और आप भी ख़ुशी से जियो|
-एम०एस० लाल (नरेश)