"मेरा मन
"
उत्पात नमो का सहन नही होता है ,
आम आदमी रोता
है ,
अशांती की ज्वाला धधक रही है
देश का मुखिया सोता है | उत्पात नमो ..|
विध्वाये शहीदो की रोती है
काटो की सेज पर सोती है
खाने का दाना उनके घरो मे
नही है
भूके प्यासी खुले आसमान मे सोती
है | विध्वाऐ शहीदों...|
खुले आम
उत्तेर प्रदेश मे पक्षपात होता है
नेतागणों का आरोप
वापस होता है
कनून का ऐसा तयसा होता है
देश का मुखिया गहरी
निंद्रा मे सोता है |खुला आम ..|
हेरान कवी
रात दिन रहता है
हरिजनों का
सोसड देश मे होता है
सफाई अभियान जोर शोर देश
मे होता है
अल्प मजदूरी पर हरिजन सफाई सेवा मे अपना जीवन
खोता है | हैरान कवी ...|
ऐम० एस लाल
उफर नरेश वकील ..|