Wednesday, 31 October 2018
Tuesday, 16 October 2018
नारी सम्मान करो
“ नारी – सम्मान करो “
जन्म देती हूँ मै
गिल्ले मे सोती हूँ मै
पालती हूँ मै
तरुण होकर भूल जाते हो तुम | जन्म देती ..|
नारी की ममता है न्यारी
जन्न्नत की है क्यारी
नारी होती है जग मे कल्याण कारी
नारी सम्मान करना भूल जाते हो तुम | नारी की ..|
योन भावना के रोगी
कहते हो योगी
अधिकारी बन कर
नय-नम भोगम करते हो तुम | योन भावना ..|
सभ्यता भूल गये तुम
न दिखती माता
न बहन बेटी विचारी
न देखती कोई दुख हारी | सभ्यता भूल ..|
समझते नही मंत्री की मर्यादा
समझते नही संतरी का कर्तब्य
नारी ब्ल्त्याकार के शिकारी
जग से कहते हो ब्रह्मचारी |
नारी है दुर्गा
नारी है काली
नारी सम्मान की देवी
नारी है शुधा की प्याली |
चाहे हो फिल्म- निर्मात
चाहे हो मंत्री शक्तशाली
है नारी के कर्जदार नर सारे
चाहे हो राजा या हो भिखारी | चाहे हो ...|
डॉ. एम ० एस ० लाल उफर नरेश
Friday, 5 October 2018
एक याद
“एक याद “
सजाया काई बार मुहब्ब्त की मजलिस अपने आशियाने मै
न कोई बुलबुल आयी पास मुहब्बत के मजलिस मे |
बहुत चला
दूर दूर काटो के रास्तो पर खोज
मे उसके
खोज बेकार
हुई सारी बीत गयी
जवानी
मेरी |
उडती है रंग विरंगी
तितलिया मुम्बई की बगिया
मे
तस्बीर जवानी की आ जाती मेरी आँखों मे
घायल सुंदरी मिली
थी सीमा पर मुझे ६५
–पाक की जंग मे
बदनशीब हूँ मै इतना
उसको बचा नही पाया अपनी
जिन्दगी मे |
फुल चड़ाता हूँ उसकी कब्ब्रर पर अकशर जुम्मे
की शाम मे
दिया जलाकर
फातीया पढता और मिलता हूँ
उससे शाम मे
गुप्त गु होती
है उससे घंटो घंटो मेरी अक्शर
जुम्मे की शाम मे
जिन्दगी की
नाव चलाता हूँ
मै बस उसकी
याद मे |
डॉ. नरेश कानपुरवाला
Thursday, 4 October 2018
श्ब्ब्र -2
“ शब्बर- 2 “
शब्बर कर इन्सा
कब तक मनमानी होगी देश
मे
जल्द भुझ ने वाला है दिया
अपने
भारत देश मे | शब्बर कर ..|
किसानो का दर्द हमारा
है
सहीदो के परिवारों का गम हमारा है
आम आदमीओ का न कोई रखवाला है
सकता पाने का
नेताओ का इशारा है |
माया माता
न् कभी बन सकती है
पपपू
शासन न चला सकता है
चौकीदार
चौकीदारी न कर सकता है
बस देश को भगवान का सहारा है |
मया माता ..|
पन्ना ..२...
“२”
मसजीत मन्दिर
शांती का आला है
मुल्ला पंडीत
का नही गाला है
भ्रममय भारत देश देश है
इन्शानियत ही सच्ची पाठ्यशाला है | मसजीत
मंदिर |अल्लाह सब के मन मे बसा है
राम कण
कण मे है
जरूरत है भाई चारा की है
और इन्शानियत के कार्यशाला की है | अल्लाह सब
..|
डॉ. नरेश कानपुरवाला
शब्बर
“ शब्बर “
शब्बर कर इन्सा
कब तक मनमानी होगी देश
मे
जल्द भुझ ने वाला है दिया
अपने
भारत देश मे | शब्बर कर ..|
किसानो का दर्द हमारा
है
सहीदो के परिवारों का गम हमारा है
आम आदमीओ का न कोई रखवाला है
सकता पाने का
नेताओ का इशारा है |
माया माता
न् कभी बन सकती है
पपपू
शासन न चला सकता है
चौकीदार
चौकीदारी न कर सकता है
बस देश को भगवान का सहारा है |
मया माता ..|
पन्ना ..२...
“२”
मसजीत मन्दिर
शांती का आला है
मुल्ला पंडीत
का नही गाला है
भ्रममय भारत देश देश है
इन्शानियत ही सच्ची पाठ्यशाला है | मसजीत
मंदिर |अल्लाह सब के मन मे बसा है
राम कण
कण मे है
जरूरत है भाई चारा की है
और इन्शानियत के कार्यशाला की है | अल्लाह सब
..|
डॉ. नरेश कानपुरवाला
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