आज का “ प्रजातंत्र “
प्रजातंत्र को प्रजातंत्र ही रहने दो
शासन
पाने के लिए प्रजातंत्र की हत्या न करो
मुद्दा
ऐसे ऐसे मोहक जंता को बता कर
लुभाते हो
मुगेरी लाल के सपने दिखाकर चुनाव मे विजय पाते
हो |
चुनाव की प्राकिरया मे कुछ गडबडी
लगती है
बहिन जी
साफ साफ EVM मे गडबडी
बताती है
मुद्दा
कोई भी आज तक सफल न देखता पूज्यनीय
नमो का
किसान
आत्मय हत्या करते है शरहद पर जवान
शहीद होते |
गुलामी के
दिन जरा
याद करो देश वासीओ
जुल्म चारो दिशा मे झूम झूम कर
बरसता था
आज़ादी पाने के लिये सच्चे देश भगत कुर्बानी जान
की कर डाली
जन्मे १९५० मे न महशुस कर सकते हमारे सच्चे वीरों
की कुर्बानी ||
राजा महाराजा
देश मे राज्य करते
थे
प्रजा
को अपना
गुलाम कहते थे
आज भी २०% पूँजीपती( राज्य-नेता)८०% गरीब पर राज्य करते है
मन
मानी ढंग से भारत मे शासन आम आदमी पर करते है |
नरेश
No comments:
Post a Comment