मेरा मन
मुझे अहशास होता
तुम्हारा प्यार ,
जब देखता तस्बीर दिल के टुकडे की
न जाने कहा से खुसीया बरस जाती है
चारो तरफ मेरे मन के आगन
मे |
लोग कहते है कि जग मे कोई नही है अपना
कहावत
सब असत्य है विज्ञानं के युग मे
जो पास
होता है वही अपना होता है
सच्च
तो यह है की सारा जग है अपना |
एक लडकी मिली मुझे कल दरिया किनारे पर रात मे
लोग
मस्ती मे झूम रहे थे बाहों मे बाहे डाल कर
मन मेरा भी कुछ
कुछ कहने लगा देख कर उन्हे
जब देखा दुखी लडकी मेरा रोमांन्टीक मन जाने कहा उड़| गया |
दुनिया अपनी है दुनियावाले भी अपने है
दिल चलता है सब का
एक ही खून से
गैर कोई नही है इस दुनिया
मे
मान लो मेरे हाजुर सब अपने है इस
दुनिया मे |
नेता गण की बातो को माँन
न कोई कभी
उनका विचार विचित्र होता
है मेरे हाजुर
मुस्लीम को गैर मान कर पकिसतान बना
दिया
असत्य अलोचना कर के कांग्रेस पार्टी को गिरा दिया |
आजादी पायी भारत १५
अगस्त( १९४७ ) के दिन
चारो तरफ परेशानीओ का बहता था
समुंदर
खाद पदार्थ की कमिया थी कंट्रोल की
थी प्रथा
दिलदार नेताओ के
योगदान द्वारा चमका भारत बहुत |
अब दुख के
बदरिया छायी है भारत मे
पार्लियामेंट
का काम पार्टिया चलने न देते है
अपना और अपनी पार्टी का झन्डा उच्चा करते है
अलोचना
एक दूसरे की कर हु पर राज करते है
मेरा मन
मुझे अहशास होता
तुम्हारा प्यार ,
जब देखता तस्बीर दिल के टुकडे की
न जाने कहा से खुसीया बरस जाती है
चारो तरफ मेरे मन के आगन
मे |
लोग कहते है कि जग मे कोई नही है अपना
कहावत
सब असत्य है विज्ञानं के युग मे
जो पास
होता है वही अपना होता है
सच्च
तो यह है की सारा जग है अपना |
एक लडकी मिली मुझे कल दरिया किनारे पर रात मे
लोग
मस्ती मे झूम रहे थे बाहों मे बाहे डाल कर
मन मेरा भी कुछ
कुछ कहने लगा देख कर उन्हे
जब देखा दुखी लडकी मेरा रोमांन्टीक मन जाने कहा उड़| गया |
दुनिया अपनी है दुनियावाले भी अपने है
दिल चलता है सब का
एक ही खून से
गैर कोई नही है इस दुनिया
मे
मान लो मेरे हाजुर सब अपने है इस
दुनिया मे |
नेता गण की बातो को माँन
न कोई कभी
उनका विचार विचित्र होता
है मेरे हाजुर
मुस्लीम को गैर मान कर पकिसतान बना
दिया
असत्य अलोचना कर के कांग्रेस पार्टी को गिरा दिया |
आजादी पायी भारत १५
अगस्त( १९४७ ) के दिन
चारो तरफ परेशानीओ का बहता था
समुंदर
खाद पदार्थ की कमिया थी कंट्रोल की
थी प्रथा
दिलदार नेताओ के
योगदान द्वारा चमका भारत बहुत |
अब दुख के
बदरिया छायी है भारत मे
पार्लियामेंट
का काम पार्टिया चलने न देते है
अपना और अपनी पार्टी का झन्डा उच्चा करते है
अलोचना
एक दूसरे की कर हु पर राज करते है
मेरा मन
मुझे अहशास होता तुम्हारा
प्यार ,
जब देखता तस्बीर दिल के टुकडे की
न जाने कहा से खुसीया
बरस जाती है
चारो तरफ मेरे मन
के आगन मे |
लोग कहते है कि जग मे कोई नही है अपना
कहावत सब असत्य है विज्ञानं के युग
मे
जो पास
होता है वही अपना होता है
सच्च तो यह है की सारा जग है
अपना |
एक लडकी मिली मुझे कल दरिया किनारे पर रात मे
लोग मस्ती मे झूम रहे थे बाहों मे बाहे डाल कर
मन मेरा भी कुछ कुछ कहने लगा देख
कर उन्हे
जब देखा दुखी लडकी मेरा रोमांन्टीक मन जाने कहा उड़| गया |
दुनिया अपनी है दुनियावाले भी अपने है
दिल चलता है सब का एक ही खून
से
गयैर कोई नही है
इस दुनिया मे
मान लो मेरे हाजुर
सब अपने है इस दुनिया मे |
नेता गण की
बातो को माँन न कोई कभी
उनका
विचार विचित्र होता
है मेरे हाजुर
मुस्लीम को गयेर मान कर पकिश्तन बना
दिया
असत्य अलोचना कर के कांग्रेस पार्टी को गिरा दिया |
आजादी पायी भारत १५ अगस्त( १९४७ ) के दिन
चारो तरफ परेशानीओ का बहता था
समुंदर
खाद पदार्थ की कमिया थी कंट्रोल की थी
प्रथा
दिलदार नेताओ के योगदान द्वारा चमका भारत
बहुत |
अब दुख के बदरिया छायी है भारत मे
पार्लियामेंट का काम पार्टिया चलने न
देते है
अपना और अपनी पार्टी का झन्डा उच्चा करते है
अलोचना
एक दूसरे की कर भारत पर राज करते है
नरेश
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