“रोहित-कलाकार”
मौसी मोसा का प्यारा,
मात तात आँखों
का तारा,
कलाकार है जग
मे नयारा
मन्मोहक है राज दुलारा./मोसी मोसा../.
इसकी हर चीज़ है
प्यारी
जैसे सजी है
फूलो की क्यारी
सुगन्ध फैलती
सारे जग मे
मगन होते है
सब नर नारी /इसकी हर .../
तिबर बूधी वाला
मेरा
लाला
काग चेस्टt वाला मेरा दुलारा
रास रचाने वाला कन्हेया हमारा
गोपीया कहती
ये है प्रीतम हमारा /तिबर बुधी .../
कला इसकी होती बहुत
सच्ची
सागर नदिया का सारा चितर कहता,
रोहित कलाकर है बिलकुल न्यारा
स्वर्ण-पदक का है हकवाला //कला बुधी .
विनती मोसा मोसी की है प्रभु जी से,
दुःख तकलीफ इसके पास न
आये,
आन्धी- तूफान दूर भाग जाये .
खुसीओ से जीवन
भर जाये/ ....विनती है.../
“नरेश”
“ जन्म दिन की बधाई “ (२९ अगस्त,२०१७)
प्रिय
- रोहित बधाई हो
बधाई
जन्म दिन की दिल से बधाई
इसकी कलाकारी जन जन को भायी
जन जन ने
की खूब बडाई | बधाई हो बधाई ..|
मात तात ने बाटे
मिठाई
जन जन
ने खाई मिठाई
केसर -मौसी ने ढोलक बजाई
कमला मौसी
ने सोहर गाई | बधाई हो बधाई |
मित्रो
ने रात दिन पार्टी मनाई
जन जन
को मदारिया पिलाई
कवी
ने मटक मटककर ठुमका दिखाई
दीर्घ आयु की सब ने करी दुहाई | बधाई हो बधाई ..|
नरेश