“ नारी सम्मान करो “
पास न
आओ मेरे
मेरी
बोली खुल जायगी
जनता जान जायगी
तेरी धुलईया
निरमा से हो जायगी |
मै नारी हूँ
भारतीय
सदाचार संग
जीवत हूँ
आगे बढेगा
जरा तू
तुझे
मिनटों मे श्मशान पहुचा दुगी |
कानून से जरा डर तू
गुंडागर्दी सारी
तेरी खाक मिलाकर
पुलिस-कर्मी झट
बुलाकर
जेल पल मे तुझे भेजवा सकती हूँ |
पन्ना ..२...
“२”
नारी एक
आदर्श है
नर
को जन्मती है
खून अपना पिलाकर
हिस्ट पुष्ट
करती हूँ |
बाहिन बेटी अम्मा दादी
नानी बनती है
देश की
सेवा करती है
नर के तुल्य सभी कार्य करती है
दुर्गा बन कर
राछ्सओ अंत करती है |
डॉ. ऐम० एस ० लाल
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