Friday, 3 September 2021
arju
"
नबी का नूर "
हर
जगह नबी का नूर
छाया है
इंशा
के रग रग
मे छाया है
रहमत
उसने ही बरसाया
है
हर
दिलो मे नबी
छाया है |
इसी
के मैहर से
चलती है दुनिया
दर्रे दर्रे
मे उसका नूर
है
शक हो
तुम्हे जरा भी
सर
झुका कर आजमा कर देख लो |
भाई
चारे से बनती
है दुनिया
खून
खराबी से उजड़ती है दुनिया
मुहब्बत से
बनती है दुनिया
यकीन
करके आजमा लो दुनिया
|
आरजू मेरी
बस इतनी
भाई -चारा दिल मे
बसा लो यारो
गल्ले
लगाकर होली दिवाली ईद मनाओ
हिंदुस्तान को जन्नत बना दो प्यारो |
naresh fauji
इश्क
“ इश्क “
दिल एक से लगाया था
न जाने कहाँ से दुसरी आ टपकी
अकेला रास्ते पर चल रहा था
न जाने कहाँ से
तीसरी आ टपकी |दिल उससे ...|
कयामत
छप्पड फाड़ कर देती है
याद आया मुझे दादू की बात
खुदा
देता है छप्पड़ फाडकर
जब सितारे बुलंद होते है जनाब
|कयामत छप्पड़ ....|
इश्क
गजब की चीज है
समझना है बहुत मुश्किल
इश्क हो जाय अगर गद्दी से
छुडाना
होता है बहुत मुश्किल |इश्क गजब ...|
इश्क
दिवाना बना देती है
चाह वह परी या गद्दी हो
जिन्दगी गर्दिश के हवाले कर देती है
कबर मे सुला देती है |इश्क दिवाना..|
डॉ.
नरेश फौजी
Wednesday, 1 September 2021
" दुखदाई - घटना "
तूफान अफगान मे आया है
लाखो भोले भाले अफ़्गानियो को खाया है
आतंकी और निर्दई बयार बहती है
मानवता की न तनीक छाया है |
भय का महोल अफगान मे छाया है
नारी का न कोई सम्मान नही है
मौत का डर हर मानव के दिल मे है
खतरनाक तूफान अफगान मे आया है |
शक्तशाली देश गहरी नीद मे है
मानव अधिकार का लोप वहाँ है
दूर ब्योहार अफगान मे छाया है