“ न्याय - याचना “
हम भूखे थे वह अपने कुते को खीर खिलाते थे ,
हम प्यासे थे वह पानी के
लिऐ तरसाते थे ,
धन्यवाद हो
पूज्य बाबा साहब को
हक का पथ दिखलाया हम सब को |
सदियों से हम सतायाये
जाते है
उनको न कभी महसूस हुवा है
आरक्षण सविधान ने दिया
हमे
जल गया
उनका विरोध का दिया|
हम मल
मूत्र के वाईरस से जन जन को बचते है
हम गन्दे कूप साफ करने को कभी न हिचकचाते है
सफाई अभियान
हमारे मन और दिल मे बस्ती है
हम बापू के पथ पर सदा चलनेवाले है ||
भारत की नगर पलिका के हम सफाई वाले है
देश की
गन्दगी नित्य साफ हम दूर करनेवाले है
दो सफाई वाला राजधानी मे गट्टर मे सहीद हुवा
फिर भी जल रहा आरक्षण के विरोध का दिया |
शोसड
हमारा बुलेट ट्रेन की रफ्तार तुल्य होता है
सरकारी कर्मचारी के तुल्य वेतन हमारा
न होता है
अत्याचार हम पर बुलेट ट्रेन की तुल्य
होता है
एस० सी आयुक्त औरनेतागण हमारे देश का सोता है |
नरेश
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