“ तनहा “
तेरे मिलने पर खुसी
थी
तेरे खफा होने
पर न गम
भूल गया तुझे उस दिन से
देखा तुझे दूजे के संग |
तेरे आने ..|
मेरी दुनिया मे तू जरुर है
मगर न हूँ तेरे संग
तेरी तस्बीर दिल मे रखकर
जीता हूँ तेरी यादो के संग |मेरी
दुनिया ..|
तन्हाई हर पल रह्ती है मेरे संग
गले लगाकर गाता तरनुम मे
मेरा सच्चा
प्यार ही तू है
मस्त है जीने का मेरा
ढंग .|तन्हाई हर ..|
कसूर न तुने बताई मुझे
इसी का है मुझे
गम
न जाना मोहबत का मतलब
काट दिया यू ही प्यार की पतंग | कसूर न ..|
ऐम० ऐस०लाल (नरेश)
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