“ याद “
तेरी पायल की आवाज रात भर आती रही
सुनते
सुनते रात
बीत गयी सारी
प्यारी
सुंदर थी वह
इतनी जायदा
तेरी जरूरत
नही हुयी रात सारी |तेरी
पायल ..|
गुलदस्ता तेरी यादो का बनाकर सजाया घर अपना
तेरी पायल की आवाजो से भर दिया घर अपना
तेरे
गुलाबी गालो के रंगो से रंग दिया घर अपना
तेरी यादो की झालर से सजाया मैने घर अपना | गुलदस्ता तेरी ..|
तू आयी
कई
बार मेरे सपने मे
मन की बातो
को तेरी रात भर सुना
पास आता था तेरे दूर भागती तू दूर
दूर पास के खेल मे आंख खुल गयी मेरी |तू आयी ..|
तेरा इरादा है बस
तेरे लिये
मोहबत पहली बार
तू ही से किया
प्यार तू कबूल करे या
न करे मेरा
तेरी
यादो का मन मे जलता रहेगा दिया |तेरा इरादा..|
ऐम०ऐस०लाल (नरेश )
No comments:
Post a Comment