हमारी
भूल
आप
माने न माने
हम
तो मानते
है
कुदरत हमे पल
पल निहारती
है
कर्म जो
हम करते नतीजा बताती है |
फल मीठा होता
है खुस होते है
फल
स्वाद
हीन हो तो
उसका
वजह हुम न जानते
है
न्याय कुदरत का हमेशा दुरुस्त होता है |
सहारनपुर या गोर्खपुर के घटना
का जलबा
हमारे
कोइ भूल का है
नतीजा
हमारी
स्वार्थ भावना का नतीजा
है
अपनी भूल को हम न
सुधारते है |
कश्मीर मे आग
है अपने योमन मे
सहीद दोनों
तरफ रोज जवान होते है
बार बार कुदरत जताती इन्शानो
को
समझ पाते अपनी भूल
यू ही
रोते है |
ऐम०ऐस०लाल ( (नरेश)
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