“ आगे आओ देश-वासीओ “
दिवार तोड़
दो जल्द देश के बीरो
जल्द आगे
आओ देश के कद्दरदानो
समस्या बन गयी हिमालय की चोटी
इसे जल्द से जल्द मिटाओ देश को चाहने वालो
|दिवार तोड़ ..|
देश महगाई और बेकारी की आग मे जुल्स गया है
किसान
आत्महत्या करता नित्य दिन
है
जवान सहीद होता सीमा पर नित्य दिन है
रोहासी छायी कश्मीर के आग्न मे नित्य दिन है | देश महगाई ..|
दर्द भूख का आम आदमी को सताता है नित्य दिन
मरीज मरता है इलाज बिन
नित्य दिन
नारी बलतकार
दीखता है नित्य
दिन
प्रगती का सप्ना दीखता है नित्य दिन | दर्द भूख ..|
प्रगती
करना धर्म हमारा और तुम्हारा है प्रिय-जन
दलबाजी
मे यू ही न गवाओ समय प्रिय बीरो
भारत –देश हमारा
और तुमारा है प्रिय-जन
करतब
अपना देश के प्रती दिल से निभाओ
प्रिय-बीरो | प्रगती करना ..|
आलोचना
करना अच्छी कला है बुरी
भी है
अलोचक
द्वारे राखीऐ आग्न –कुटी छावाऐ
बिन पानी
साबुन
बिना निर्मल करो शुभाव
प्रिय-जन
! उपदेश कवी रहीम का अपने गल्ले तुरंत लगा
लो |अलोचना ..|
देश की शान हिमालय की चोटी पर बस्ती है
किसान के मेंहन्त और जवान के बलीदानो के
द्वारा है
देश –भगत नेताओ
की निस्वार्थ देश- सेवा के भी द्वारा
है
भारत आज
है हिमालय की चोटी
के अगन पर बस्ता है |
प्रगती
की बीज उगती है देश-भगत नेता के द्वारा
फसल
काटती है बरतमान नेता गण के द्वारा
रंग लायी
है मेहंदी अहमदाबाद
के आग्न मे
उद्घाटन
बुलेट- ट्रेन का हमारा पूज्य नमो लाया है | प्रगती की |
कोटी कोटी ध्न्यवाद
हमारे देश के मान्यवर मुखिया को
जादूगिरी दुनिया को
कम समय मे दिखाया है
दुख और शुख का मिकश्रचर
उसने ही बनाया
है
पूज्य और अनोखा प्रधान मंत्री भारत मे ७० वर्स
बाद आया है | कोटी..|
डा०.नरेश
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