Friday, 1 September 2017

गंगा-जल







                    गंगा-जल             
गंगाजल     न आंख से बहाओ
न यू ही   धरा    पर    गिराओ
ये   बहुमूल्य    अमृत   धारा है
यू    ही     धरा पर न  गिराओ |
आम     आदमी  परेशान  है
अच्छे   दिन के गीत न गाओ  
जन कल्याण मे  समय लगाओ
गंगा –जल आँखों से  न बहाओ |

ससहास    अपने कदम आगे  बडाहो
गरीबी    बेकारी देश से जल्द भगाओ
भ्रष्टाचार     जल्द         भगाओ
ढोगी बाबाओं की बातो  मे न   आओ |

गोरखपुर की अस्पताल की घटना दुखदाई
अस्पताल मे न है दवा न है    चारपाई
नेतागण      अपना      पल्ला झाडते
जनता को     करते नित्य     दुखदाई |

लाज      न तनिक है  राज - नेतागण को
जीओ        का व्यापार देश  मे   फैलाते
आम     आदमी   को     भूल     जाते
अच्छे  दिन की गीत जोर    से     गाते |
            नरेश





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