गंगा-जल
गंगाजल न
आंख से बहाओ
न यू ही धरा पर गिराओ
ये बहुमूल्य अमृत धारा है
यू ही धरा पर न गिराओ |
आम आदमी परेशान
है
अच्छे दिन के गीत न गाओ
जन कल्याण मे समय लगाओ
गंगा –जल आँखों से न बहाओ |
ससहास अपने
कदम आगे बडाहो
गरीबी बेकारी देश से जल्द भगाओ
भ्रष्टाचार जल्द भगाओ
ढोगी बाबाओं की बातो मे न आओ |
गोरखपुर की अस्पताल की घटना दुखदाई
अस्पताल मे न है दवा न है चारपाई
नेतागण अपना
पल्ला झाडते
जनता को करते
नित्य दुखदाई |
लाज न
तनिक है राज - नेतागण को
जीओ का व्यापार देश मे फैलाते
आम आदमी को भूल जाते
अच्छे दिन की गीत जोर से गाते |
नरेश
No comments:
Post a Comment