“निडर “
हाथ मे न ढाल है
हाथ मे न तलवार
है
सत्य और अहिंसा का जोस है
सविधान से प्यार है |
देश का न तू
चौकीदार है
देश
का न पतवार
है
झूठ का तू यार
है
पूंजी-पतीओ से तेरा
प्यार है |
अत्याचार का तेरा सम्मान है
देश मे विरोध का हिमालय है
गजब की तेरी शान है
तू लगता न इन्शान
है |
नारी का न सम्मान है
नारी- सुरछा का न इंतजाम
है
देश मे विधार्थी
परेशान है
खुरा- पात का तू विद्दवान है |
देश अपंग
बन गया
देश का धन विदेश गया
धनीराम और धनी बन गया
आम आदमी
मर गया |
तेरी योजनाये बेकार है
देश मे बवाल है
जन जन की का
पुकार है
सीoएoएo तेरा बकार है |
देश मे जनता
निडर है
देश के बफादार बिंदास है
महिलाय दुर्गा बन गई है
रानी लक्ष्मी बाई की शान है |
डॉ. नरेश फौजी
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