“ खोद दो कब्र “
लगे हो तुम शासन की फ़िराक मे
लगे हो गुजरात
के चुनाव मे
लाज न है तुम्हे
नेता गण के लिवाज मे
आमआदमी परेशान
है तुहारे राज्य मे | लगे हो ..|
खुदा न माफ़ करेगा कभी तुम्हारे जीवन काल मे
आलोचना करते एक
दुसरे की हर चुनाव मे
मर रहा आम- आदमी
भूख प्यास से
हिंदुस्तान मे
अच्छा होगा दफना दो
आम-आदमी को अपने शासन काल मे|खुदा
न ..|
अमीरों का राज्य
पहले भी होता
था हिंदुस्तान
मे
आज भी अमीर लोग
शासन करते है हिंदुस्तान मे
कभी कोई
चायवाला या नीच कह कर शासन मे आता हिंदुस्तान मे
कभी मेक इनण्डिया बनाता कभी अच्छे
दिन लाता हिंदुस्तान मे |अमीरों का ..|
कभी ऐसा दुःखदाई
महोल ७० साल मे न देखा हिंदुस्तान मे
हत्या हो रही
आम आदमी की गौ-माता के नाम पर हिंदुस्तान
मे
बिखरने की कगार पर है सब अपने हिंदुस्तान मे
याद करो कुर्बानी अपने वीरो की आजादी के दंगल की हिंदुस्तान मे| कभी ऐसा |
गुजारिस है बस इतनी
खुदा से बरसा दे रहमत हिंदुस्तान मे
खत्म कर दे गरीबी, बेकारी ,घुसखोरी , लालच, हिंदुस्तान मे
शासन के भुखमरो को सुधार दे हिंदुस्तान
मे
चमन मे पुन: बहार , अपनापन ,मनवता आ
जाये हिंदुस्तान मे |गुजारिस है .|
मुन्ना लाल वर्मा उफर
नरेश भु० पु० सैनिक
आम आदमियो की
No comments:
Post a Comment