“ मेरी
चुलबुली “
जरा
पास आ मेरे सकुन
मिल जाय मुझे
दिल से दिल मिल जाय मिल
जाय जन्नत मुझे
तेरी चुलबुली अदाय अच्छी लगती
है मुझे
मस्तानी चाल
तेरी घायल
करती है मुझे | जरा पास..|
एक झलक मे तेरी
मजनू हो गया मै तेरा
पल कटता नही
मेरा बिना तेरे
तन्हा तडफता
हूँ मै बिना
तेरे
जीना
मुसकील हुवा मेरा बिना
तेरे |पल कट्ता..|
मेरी मयत पर आशु न बहाना
तू
मेरी कब्र पर
फातीया न पढ़ना तू
कब्र पर मेरी न कभी चादर चडाना तू
न कब्र पर मेरी दिया
जलाना तू
| मेरी मयत ..|
ऐम० ऐस०
लाल (नरेश)
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