" दुखदाई - घटना "
तूफान अफगान मे आया है
लाखो भोले भाले अफ़्गानियो को खाया है
आतंकी और निर्दई बयार बहती है
मानवता की न तनीक छाया है |
भय का महोल अफगान मे छाया है
नारी का न कोई सम्मान नही है
मौत का डर हर मानव के दिल मे है
खतरनाक तूफान अफगान मे आया है |
शक्तशाली देश गहरी नीद मे है
मानव अधिकार का लोप वहाँ है
दूर ब्योहार अफगान मे छाया है
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