स्वतंत्रता-दिवस
स्वतंत्रता दिवस की बात निराली
खुसीयां छायी देश के कोने कोने
खुसी से झूमे हिन्दुस्ती कोने कोने
जय भारत जय हिन्द की ध्वनी छायी कोने कोने |
खुसीयां छायी देश के कोने कोने
खुसी से झूमे हिन्दुस्ती कोने कोने
जय भारत जय हिन्द की ध्वनी छायी कोने कोने |
तिरंगा झूम रहा पवन के संग
नेता- गण डोले चुनाव के संग
नमो बोले रिपोर्ट-कार्ड के संग
मिठाई खाये बच्चे मम्मी पापा के संग |
नेता- गण डोले चुनाव के संग
नमो बोले रिपोर्ट-कार्ड के संग
मिठाई खाये बच्चे मम्मी पापा के संग |
आजादी हो गई सत्रर वर्स पुरानी
रोटी कपड़ा और मकान की है परशानी
बाल्य -गृह मे होती है बहुत मनमानी
योवन के भूखे भेडिया है खानदानी |
कुदरत का काहर देश पर छाया
बाड का रहस्य न समझ आया
इमान का हो गया सफाया
कहती कुदरत शुधर जाओ बिगडे इंसान |
बाड का रहस्य न समझ आया
इमान का हो गया सफाया
कहती कुदरत शुधर जाओ बिगडे इंसान |
डॉ. एम ० एस ० लाल (नरेश )
No comments:
Post a Comment