" तेरी याद "
सुबहा होती है बस
तेरी याद आती है
हर पल मुझे सताती है
रात भर तू ही नजर आती है |
काटो पर चलना सिखाया तुने
फूलो की तरह हसना सिखाया तुने
भोरो की तरह गुनगुना सिखाया तुने
गेरो को अपना बनाना सिखाया तुने |
प्यास लगी है मुझे बहुत
सागर,नदिया प्यास बूझा न पाते
न कोई परी बुझा पाती प्यास मेरी
तेरी एक झलक की आंखे है प्यासी |
कासूर न मेरी बताई तुने
जाने कहाँ गई तू इतला किये
न आयी कोई तेरी चीठी पाती
मुहब्बत की मेरी भुझ गई बाती
डॉ. नरेश
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