“ बुझता चिराग “
बुझ रहा
चिराग तुम्हारा
सत्य पथ पर अब
चलो
सपने अनेक मुगेरी
के दिखाऐ
जी ० ऐस० टी को बंद करो | बुझ रहा... |
नदेड मे
लुडक गये
हिमालय की चोटी पर चिंतन
करो
अटल जी के चरणों
मे जाओ
सरकार चलाना हजूर
सीखो | नदेड मे ..|
सोभाग्य
बी० जे० पी का है जरुर
चतुर अनेक नेता पार्टी मे है
उनका
ज्ञान बिलकुल न दीखता है
सारा मुगेरी लाल का सपना जैसा दीखता है |सत्य पथ ..|
यू० पी ० मे आम आदमी परेशान है
बिना दवा नित्य
बालक मरते है
नोट्बंदी ने घायल किया जन जन को
बुचर सर पर हाथ रख बहुत
रोते है | यू० पी ० मे ..|
खेतीयर है भारत देश हमारा
किसान बंधुओ का आदर करो
गोली चल रही नित्य
सीमा पर
शहीद कराना जल्द बंद करो |खेतीयर है ..|
बाज आऐ तेरे
शासन से
१५ लाख तेरा भाड मे जाये
दया कर
अब जनता पर मेरे हजूर
मन की
बात अब न करो हजूर |बाज आऐ..|
ऐम० ऐस० लाल वकील
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