जीवन
हम न हो सके उनके अभी तक
वह क्यों हमारे
हो जायेगे
आग जल रही है दोनों तरफ
दोनों यू ही जलकर मर जायेगे | हम न हो ..|
पतीया पेड
से अलग होकर
कभी पुनः
पेड से जुडती नही
हम कैसे
उन्हे पा सकते
हम कभी
उनके सामने झुकते नही | पतीया पेड से ..|
न समझा
मेने कभी उन्हे
न उन्होने
हमे समझने की कोसिस की
दोनों जल गये
जवानी की आग मे
होश आया दोनों को अपनी अपनी
कबर मे || न समझा..|
भूल न
करना कभी प्यार मे
इश्क से बढकर कोई न
चीज है
इस्क ही खुदा इस्क ही राम
है
इन्हे कभी भूल जाना न कभी
|.भूल न..|
ऐम०ऐस० लाल वकील
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