" भूल "
जरा सी भूल हुई वह रूठ गये
मागी माफी न कुछ बोला नही
पूछा जब हमने माफी का ढंग
बिना बोले आशीयाने से चले गये |
राज अपना कैसे दुनिया को बताऊ
सुना है घोसला मेरा उनके बिना
पल कटता नही उलझने पास मेरे
कोई बता दे मै उनको मनाऊ कैसे |
मेरे सारे अरमान ख़त्म हो गये
जवानी की बगीया के फूल सुख गये
अब जीना मुस्किल उनके बिना |
मौत सर पर मेरे है खडी
जरा कोई रोक दे एक दिन के लिये
कल ईद है ईद की नवाज़ अदा करनी है
ईद मुबारक करना है अल बिदा करते हूये |
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