“ नारी – सम्मान करो “
जन्म देती हूँ मै
गिल्ले मे सोती हूँ मै
पालती हूँ मै
तरुण होकर भूल जाते हो तुम | जन्म देती ..|
नारी की ममता है न्यारी
जन्न्नत की है क्यारी
नारी होती है जग मे कल्याण कारी
नारी सम्मान करना भूल जाते हो तुम | नारी की ..|
योन भावना के रोगी
कहते हो योगी
अधिकारी बन कर
नय-नम भोगम करते हो तुम | योन भावना ..|
सभ्यता भूल गये तुम
न दिखती माता
न बहन बेटी विचारी
न देखती कोई दुख हारी | सभ्यता भूल ..|
समझते नही मंत्री की मर्यादा
समझते नही संतरी का कर्तब्य
नारी ब्ल्त्याकार के शिकारी
जग से कहते हो ब्रह्मचारी |
नारी है दुर्गा
नारी है काली
नारी सम्मान की देवी
नारी है शुधा की प्याली |
चाहे हो फिल्म- निर्मात
चाहे हो मंत्री शक्तशाली
है नारी के कर्जदार नर सारे
चाहे हो राजा या हो भिखारी | चाहे हो ...|
डॉ. एम ० एस ० लाल उफर नरेश
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