“ मेरी तितली “
तितली डोले कोने कोने
छोरो का मन डोले
समीप आकर कुछ न बोले
पास आजा २ छोरा
बोले |
तितली लगती बहुत प्यारी
चाहे हो गोरी काली
होती है मदरा
की प्याली
चाल उसकी होती अति नसा वाली |
मतवाली
तितली की खोज
मे
कला की देबी
के खोज
मे
सुंदर तितली की
खोज मे
बफादार तितली
की खोज मे |
दिल्ली ढूंडा
मथूरा ढूंडा
क्श्मीइ के बागो मे ढूंडा
हिमालय के
पहाडो मे ढूंडा
मुम्बई के हर चोपाटी मे ढूंडा |
“ २
“
छीपकर कहा है बैठी
मेरी तितली
मम्मी पूछे कहा
है तेरी तितली
पापा पूछे कहा गई
है तेरी
तितली
बोलू मै बुलेट ट्रेन से आ रही मेरी |
डॉ एम ० ऐस० लाल
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