“हमारी सुनो “
लाज देश
के मुखिया को है नही
किसान खुद्कुसी करते उनको फ़िक्र है नही
दिलली के दिल मे तडफतै किसान विचारे
उनकी आवाज़ नेता सुनते
ही नही|लाज देश ..|
इंसानियत कहाँ गई
हिंदुस्तान से
पशु
के नाम पर करते राज्य –नैतिक
हमारा किसान
हो गया विचारा
मंत्रीगण क्या सो गया है सारा
|इंसानियत कहाँ..|
सब का साथ सब का विकास का बिगुल क्यों सुनाया था
शासन पाकर तुम सबको ठीन्गा हमको क्यों दिखाते हो
कबीर सन्त ने सच ही कहा था गरीबो की
हाय बहुत बुरी होती है
किसानो की हाय से न तुम रहोगे और तुम्हारा शासन भस्म हो जायगा | सब का...|
किसानो की जान से
बडकर तुम्हारा शासन न कीमती है
भूल जाओ अपना और अपने दल का स्वार्थ हिंदुस्तान के आका
भारत जल रहा है
गरीबी और महगाई की भीसड़ आग मे
आप
क्यों लगे हो
शासन पाने की
चाह मे | किसानो ..|
ऐम० ऐस० लाल वकील
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