" देश के नेता "
हमारे देश के नेता बडिया आलोचक है
अलोचना आपस मे रुचिकर करते है
चुनाव काल मे जनता को खुब रिझाते है
कुछ क्ल्यान्कारी काम न जरा सा करते है |
राजनेतिक दल एक धन्दा लगता है ,
विकास का नारा हर भाषन मे होता है
शासन पाते ही खुसीया बरस जाती है
देश का विकास के जगह विनाश होता है |
देश का नेता देश कल्याण के लीए नही जीता है
वह अपने लिए और अपनी पार्टी के लिये जीता है
सत्रर वर्ष भारत की आजादी के बीत गये है
चारो तरफ परेशानी ही परशानी छाई है |
किसान खुद्क्सी करते जवान सीमा पर मरते है
कोई अपनी उप्लभधी गिनाने मे फसे है
नमो देश के चुनाव मे दिलो जान से लगे है
प्रजातंत्र की सरकार से उतम मिलट्री शासन है |
नेता की पोस्ट के लिये धनवान होना जरूरी है
देश हित की बात करना भी बहुत जरूरी है
बोलना न भी आता हो तो कोई जरूरी नही है
भाषण लिखने वाले हर समय मिल जाते है |
" नरेश "
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