" श्याम"
श्याम मेरी गलीओ मे न आया करो
श्याम हमे सताया न करो
बंसुरी की मीठी मीठी धुन न सुनाया करो
सखियों के बीच न बुलाया करो|श्याम मेरी..|
धुन बंशी की तेरी बावरी करती
न जाने कुछ कुछ कहती
तेरी सुरत आँखों मेरी बस्ती
बेशुद्ध मुझे नित्य करती |धुन बंशी..
पानी भरन जाऊ तेरी याद आऐ
लगता तू मुझे बुलाऐ
तेरी सुरतीया बहुत रिझाऐ
मनवा बस तुझे बुलाऐ | पानी भरन ..|
सखिया तेरे नाम लेकर मुझे सताऐ
मन मोरा हर पल तुझे बुलाऐ
सपने मे आकर तू
खूब मुझे क्यों सताऐ |सखिया तेरे ..|
ऐम० ऐस० लाल
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